देश की दूसरी और दक्षिण भारत की पहली किसान रेल का शुभारंभ बुधवार को केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण, ग्रामीण विकास तथा पंचायती राज मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर और आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री वाय.एस. जगनमोहन रेड्डी के मुख्य आतिथ्य में हुआ। रेल राज्य मंत्री श्री सुरेश सी. अंगड़ी ने अध्यक्षता की। दक्षिण मध्य रेलवे के गुंतकल मंडल के अंतर्गत, यह विशेष गाड़ी के रूप में अनंतपुर (आंध्र प्रदेश) से आदर्श नगर (दिल्ली) के लिए रवाना हुई। इस अवसर पर श्री तोमर ने कहा कि किसान रेल से कृषि की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, वहीं श्री रेड्डी ने कहा कि इसके माध्यम से आंध्र प्रदेश के मशहूर फल देश में सुगमता से पहुंचेंगे। श्री तोमर ने कहा कि गांव-गरीब-किसान हमेशा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की प्राथमिकता पर रहे हैं। खेती की व्यवस्था में किसानों को मुनाफा हों, उनकी आय दोगुनी हों, इन उद्देश्यों की पूर्ति के लिए पीएम हर बजट में प्रयत्न करते रहे हैं, जो सफल भी हो रहे हैं। बजट में किसान रेल व किसान उड़ान की सुविधाओं...
जैविक कृषि ही आने वाले भारत का भविष्य है जिससे आम जनजीवन में नियमित रूप से रसायन मुक्त उत्पादों कि आपूर्ति जारी रहे। आज जैविक खेती के विकास की गाथा न केवल भारत में,बल्कि विश्व स्तर पर भी बढ़ती मांग की बदौलत अब पूरी तरह से हमारे सामने है। कोविड महामारी से त्रस्त दुनिया में स्वास्थ्यवर्धक एवं सुरक्षित भोजन की मांग पहले से ही निरंतर बढ़ती जा रही है, अत: इस सुखद स्थिति को बयां करने का यह बिल्कुल उपयुक्त समय है कि किस तरह से यह हमारे किसानों, उपभोक्ताओं और पर्यावरण के लिए फायदे का सौदा है। भारत जैविक किसानों की कुल संख्या के मामले में ‘नंबर वन’ है और जैविक खेती के तहत कुल रकबे की दृष्टि से नौवें स्थान पर है। सिक्किम पूरी तरह से जैविक बनने वाला दुनिया का पहला राज्य बन गया। यही नहीं, त्रिपुरा एवं उत्तराखंड सहित अन्य राज्यों ने भी ठीक इसी तरह के लक्ष्य तय किए हैं। पूर्वोत्तर भारत पारंपरिक रूप से जैविक रहा है और यहां रसायनों की खपत देश के बाकी हिस्सों की तुलना में काफी कम है। इसी तरह आदिवासी या जनजातीय और द्वीप क्षेत्रों को अपनी जैविक गाथा को निरं...
कोरोना के बढ़ते हुए मामलों ने कई देशों को हिला दिया है जिससे सभों को सावधानी बरतने को कहा गया है और सुरक्षा की दृष्टि से शरीर को स्वस्थ रखने के लिए एवं अन्य कीटाणुओं से बचाव के लिए जयादा सावधानी बरतने को बताया जा रहा है ऐसे में सेनेटाइजर का प्रयोग करने की सलाह दी जा रही है इस हैंड-सेनिटाइजर में प्राकृतिक गंध, सक्रिय चाय घटक और अल्कोहल की मात्रा विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के दिशा-निर्देशों के अनुसार उपयोग की गई है इस उत्पाद में पेराबेंस, ट्राईक्लोस्म, सिंथेटिक खुशबू और थेलेटेस जैसे रसायनों का उपयोग नहीं किया गया है कोरोना वायरस के खिलाफ निवारक उपाय और बाजार में बेची जा रही कई नकली सामग्रियों की खबरों के बीच सेनिटाइजर जैसे उत्पादों की माँग बढ़ रही है। इसे देखते हुए हिमाचल प्रदेश के पालमपुर में स्थित हिमालय-जैवसंपदा प्रौद्योगिकी संस्थान (आईएचबीटी) के वैज्ञानिकों ने एक नया हैंड-सेनिटाइजर विकसित किया है। आईएचबीटी के निदेशक डॉ संजय कुमार ने बताया कि “इस हैंड-सेनिटाइजर में प्राकृतिक गंध, सक्रिय चाय घटक और अल्कोहल की मात्रा विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के दिशा-नि...
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