केंद्रीय मत्स्य पालन, पशुपालन और डेयरी मंत्री, गिरिराज सिंह, आज यहां “स्टार्टअप इंडिया-पशुपालन बड़ी चुनौती” के विजेताओं के लिए आयोजित पुरस्कार समारोह में मुख्य अतिथि थे। इस अवसर पर मंत्रालय में राज्य मंत्री संजीव कुमार बाल्यान और सचिव अतुल चतुर्वेदी उपस्थित थे। पशुपालन और डेयरी विभाग ने स्टार्टअप इंडिया के साथ साझेदारी में 'पशुपालन स्टार्टअप-बड़ी चुनौती' शुरू किया ताकि पशुपालन और डेयरी क्षेत्र में आने वाली समस्याओं का समाधान करने के लिए अभिनव और व्यावसायिक रूप से व्यवहार्य समाधान के लिए नई खोज की जा सके। इस चुनौती की शुरूआत प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पिछले साल 11 सितंबर को मथुरा में एक राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम में की थी। चुनौती छह समस्या विवरणों के अद्वितीय समाधान के साथ सभी स्टार्टअप के लिए आवेदन के लिए खुली थी जिन्हें नीचे दिया गया है: मूल्य वर्धित उत्पाद: छोटे घरेलू और निर्यात बाजारों के लिए नवीन तकनीकों का इस्तेमाल करते हुए कुछ मूल्य वर्धित डेयरी उत्पादों जैसे पनीर, स्मूदीज़, फ्ल...
किसान भाइयों हम गांव एक्सप्रेस लगातार आप तक कृषि एवं अन्य मुख्य जानकारी जो केंद्र सरकार द्वारा जारी की जा रही सूचनाओ को पहुंचा रहे हैं अतः आपसे अनुरोध है इस संकट की घड़ी में अपने एवम अन्य सभी लोगों का ध्यान रखते हुए सरकार द्वारा दिये जा रहे दिशा निर्देशों का पालन करें व बिना काम के घर से बाहर ना निकलें।देशवासियों के लिए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने बुधवार को लॉकडाउन 2.0 के दौरान कम जोखिम वाले क्षेत्रों में छूट संबंधी गाइलाइन जारी की है। यह छूट 20 अप्रैल से लागू होगी। कटाई और आने वाले दिनों में नए बुवाई सीजन के शुरू होने के मद्देनजर खेती-किसानी से जुड़े कामों को खास छूट दी गई है। हालांकि, इस दौरान सोशल डिस्टेंसिंग के मानकों का कड़ाई से पालन किया जाएगा। फ्लैट्स के निर्माण को भी शर्तों के साथ सीमित छूट दी गई है। लॉकडाउन 2.0 के दौरान इन गतिविधियों पर छूट रहेगी। - हेल्थ सर्विसेज चालू रहेंगी... - खेती से जुड़ी सभी गतिविधियां चालू रहेंगी, किसानों और कृषि मजदूरों को हार्वेस्टिंग से जुड़े काम करने की छूट रहेगी - कृषि उपकरणों की दुकानें, उनके मरम्मत और स्पेयर पार्ट्स की दुकानें खुली रहेंग...
जैसलमेर से बीकानेर बस रुट पर....बीच में एक बड़ा सा गाँव है जिसका नाम है "नाचना" अक्सर वहाँ से जब बस आती है तो लोग कहते है कि नाचने वाली बस आ गयी..और कंडक्टर भी बस रुकते ही चिल्लाता.. नाचने वाली सवारियाँ यहीं उतर जाएं बस आगे जाएगी.. ऐसे ही एक बार एक इमरजेंसी में रॉ का एक नौजवान अधिकारी जैसलमेर आया और रात बहुत हो चुकी थी, वह सीधा थाने पहुँचा और ड्यूटी पर तैनात सिपाही से पूछा - थानेदार साहब कहाँ हैं ? सिपाही ने जवाब दिया थानेदार साहब "नाचने" गये हैं.. अफसर का माथा ठनका उसने पूछा डिप्टी साहब कहाँ हैं..? सिपाही ने विनम्रता से जवाब दिया- हुकुम "डिप्टी साहब" भी नाचने गए हैं.. अब तो अफसर को लगा सिपाही अफीम की पिन्नक में है, फिर उसने एसपी के निवास पर फोन📞 किया।और पूछा एस.पी. साहब हैं ? और उधर से फोन पर जवाब मिला कि साहब नाचने गए हैं..!! पर अफसर कन्फ्यूजिया गया और फिर पूछा लेकिन नाचने कहाँ गए हैं, ये तो बताइए ? उधर से बताया न नाचने गए हैं, सुबह तक आ जायेंगे।और फोन रख दिया कलेक्टर के घर फोन लगाया वहाँ भी यही जवाब मिला, साहब तो नाचने गए हैं.. अफसर का दि...
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