देश की दूसरी और दक्षिण भारत की पहली किसान रेल का शुभारंभ बुधवार को केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण, ग्रामीण विकास तथा पंचायती राज मंत्री श्री नरेंद्र सिंह तोमर और आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री श्री वाय.एस. जगनमोहन रेड्डी के मुख्य आतिथ्य में हुआ। रेल राज्य मंत्री श्री सुरेश सी. अंगड़ी ने अध्यक्षता की। दक्षिण मध्य रेलवे के गुंतकल मंडल के अंतर्गत, यह विशेष गाड़ी के रूप में अनंतपुर (आंध्र प्रदेश) से आदर्श नगर (दिल्ली) के लिए रवाना हुई। इस अवसर पर श्री तोमर ने कहा कि किसान रेल से कृषि की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी, वहीं श्री रेड्डी ने कहा कि इसके माध्यम से आंध्र प्रदेश के मशहूर फल देश में सुगमता से पहुंचेंगे। श्री तोमर ने कहा कि गांव-गरीब-किसान हमेशा प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी की प्राथमिकता पर रहे हैं। खेती की व्यवस्था में किसानों को मुनाफा हों, उनकी आय दोगुनी हों, इन उद्देश्यों की पूर्ति के लिए पीएम हर बजट में प्रयत्न करते रहे हैं, जो सफल भी हो रहे हैं। बजट में किसान रेल व किसान उड़ान की सुविधाओं...
कई महिलाओं के लिए मिसाल बन रही बिहार के बांका जिले के झिरवा गांव के निवासी विनीता कुमारी आज स्वयं आत्मनिर्भर होकर कई महिलाओं को भी प्रशिक्षण देकर समूह से जोड़ रही हैं और उनको भी आत्मनिर्भरता की ओर अग्रसर कर रही हैं आज गांव एक्सप्रेस के वरिष्ठ पत्रकार अनिकेत सिन्हा कि खास बातचीत हुई मशरूम की खेती एवं बीज निर्माण करने वाली सफल महिला किसान विनीता कुमारी द्वारा उनके संघर्ष सफल होने तक की खास बातें प्रश्न-मशरूम की खेती करने की शुरुआत कब हुई पति की सीमित आय और परिवार की बढ़ती जिम्मेदारियों को देखते हुए हमेशा से ख्याल आता था कि कुछ अलग किया जाए जिससे परिवार की आमदनी का जरिया बढे। मुख्य रूप से ग्रेजुएट तक की शिक्षा प्राप्त करने के बाद हमेशा से कुछ अलग करने की इच्छा मन में बनी रहती थी ऐसे में 2011 में कृषि विज्ञान केंद्र बांका द्वारा चलाए जा रहे मशरूम की खेती का प्रशिक्षण कार्यक्रम के बारे में जानकारी मिली और डॉक्टर विनोद कुमार से प्रशिक्षण प्राप्त करने के बाद मशरूम की खेती की शुरुआत कर दी उसके बाद फिर कभी पीछे मुड़कर नहीं देखा और दिन प्रतिदिन मशरूम की बढ़ती डिमांड...
जैसलमेर से बीकानेर बस रुट पर....बीच में एक बड़ा सा गाँव है जिसका नाम है "नाचना" अक्सर वहाँ से जब बस आती है तो लोग कहते है कि नाचने वाली बस आ गयी..और कंडक्टर भी बस रुकते ही चिल्लाता.. नाचने वाली सवारियाँ यहीं उतर जाएं बस आगे जाएगी.. ऐसे ही एक बार एक इमरजेंसी में रॉ का एक नौजवान अधिकारी जैसलमेर आया और रात बहुत हो चुकी थी, वह सीधा थाने पहुँचा और ड्यूटी पर तैनात सिपाही से पूछा - थानेदार साहब कहाँ हैं ? सिपाही ने जवाब दिया थानेदार साहब "नाचने" गये हैं.. अफसर का माथा ठनका उसने पूछा डिप्टी साहब कहाँ हैं..? सिपाही ने विनम्रता से जवाब दिया- हुकुम "डिप्टी साहब" भी नाचने गए हैं.. अब तो अफसर को लगा सिपाही अफीम की पिन्नक में है, फिर उसने एसपी के निवास पर फोन📞 किया।और पूछा एस.पी. साहब हैं ? और उधर से फोन पर जवाब मिला कि साहब नाचने गए हैं..!! पर अफसर कन्फ्यूजिया गया और फिर पूछा लेकिन नाचने कहाँ गए हैं, ये तो बताइए ? उधर से बताया न नाचने गए हैं, सुबह तक आ जायेंगे।और फोन रख दिया कलेक्टर के घर फोन लगाया वहाँ भी यही जवाब मिला, साहब तो नाचने गए हैं.. अफसर का दि...
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